नंदेली - जो जन्म लेता है वह एक दिन अवश्य ही दुनिया को अलविदा कह जाता है, यह विधि का विधान है, कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनका नहीं रहने पर हर समय कमियां खलती रहती है,, जिसकी पुर्ति नहीं हो सकती, ऐसे ही नंदेली माली समाज की सबसे अधिक वयोवृद्ध स्व खीरोबाई मालाकार जब तक जीवित रही तब तक स्वस्थ ही रही, स्वर्गवास से लगभग दो माह पहले तक ही बिस्तर में रही, उससे पहले प्रतिदिन 3 से 4 किलोमीटर पैदल चलते हुए जीवन बसर करती थी, जब तक रही तब तक किसी को भी अपशब्द नहीं कही, कुटुंब जनों के हर सदस्य को अपनों से बढ़कर स्नेह रखने वाली, सबको मातृत्व भाव से जोड़े रखने वाली स्व खीरोबाई मालाकार परिवार में एक मार्गदर्शक के रूप में रही,, इन्हें अपनी पोते पोतियों का प्यार और साथ मिला, गांव की बेटियां जब भी मायके आई थी तो इन्हें मिले बगैर अपने ससुराल नहीं जाती थी,। नंदेली गांव के लोगों की आपसी बातचीत एवं सलाह मशवरा पश्चात यह बातें सामने आई है कि स्व. खीरों बाई मालाकार लगभग 105 वर्ष से अधिक आयु की रही होगी। नंदेली गांव में स्व. खीरों बाई मालाकार सबसे बड़ी उम्र की महिला थी।
आईए हम जानें खीरों बाई मालाकार से जुड़े केंदुडिहा परिवार के पूर्वजों के बारे में
हमारे पूर्वज जगबंधू के तीन संतान
बैजू, मनबोध एवं सनबोध
बैजू के तीन संतान - अनुधर, घुनु, मेघू
अनुधर व घुनु जुनवानी (बंगुरसियां) में निवासरत हैं
मेघू अब इस दुनिया में नहीं है
मनबोध के बारे में विस्तृत बताएंगे उससे पहले सनबोध के बारे में बताएंगे ,,
सनबोध की 4 बेटी ही थी जो अपने ससुराल में रहते हुए आज हमारे बीच में नहीं है।
अब बात करते हैं जगबंधू के मंझला बेटा मनबोध
मनबोध के 7 संतान
लड़की (जामपाली), लड़की (बुधियारिन), सहदेव, सुखदेव (महादेव), सदाशिव (पिलू), धनेश्वर (टिके), लड़की (दुली)
1. सहदेव के 01 लड़की *भागों* जो बरगांव विवाह होकर गई
2. सुखदेव (महादेव) इनके 5 संतान
(1)रेवाराम , (2) लड़की (ननकी) भालूमार (3) लड़की मुरा (4) गिरधारी (कोंदा) (5) मंदना (बरगांव)
रेवाराम धर्म पत्नी खीरों बाई (कोतमरहीन)
इनके 6 संतान
(01)उत्तम(02) नानदाऊ(03) लूलकुवंर(04) कार्तिक कुवंर(05) चंदन (06) मंचित
गिरधारी (कोंदा) के 04 संतान
(01) गुलापी (02) नुरुदकुवंर(03) निराकार (04) टेको
3. सदाशिव (पिलू) के 04 संतान
(01) त्रिलोचन (02) ठंडाराम(03) कुंजमति (बरगांव) (04) लालमेन (पकलू)
त्रिलोचन के 5 संतान
(01) श्रीमती ईश्वरी (02) खीरराम(03) हेमकुवर(04) अमृत (05) टेकराम
ठंडाराम के 3 संतान इनका परिवार वर्तमान में बिलाईगढ (साल्हेओना) में निवासरत हैं
(1) गजरु (2) हेतकुवंर (3) बनमाली
लालमेन मालाकार के 05 संतान
(01)तेजकुवंर(02) शीतल(03) देवन्ति(04) खगपति (05) शांति
धनेश्वर (टिके)का परिवार
इनके 02 संतान
(१) रामजी लाल (२) टुकाराम
रामजी लाल के 02 संतान
(१) नत्थूलाल (२) रुपसिंह
टुकाराम के 04 संतान
(01) लोचन (02) जाम (महिमा)(03) हेतकुवंर (04) नुरुद (05) डोलनारायण

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